सेमल के फायदे: फूल, फल, पेड़ के लाभ, गुण और 10 आयुर्वेदिक फायदे

सेमल के फूल, फल, पेड़ के फायदे, गुण और आयुर्वेदिक फायदे
सेमल के फूल, फल, पेड़ के फायदे, गुण और आयुर्वेदिक फायदे

सेमल के फायदे: दोस्तों जहाँ एक और भारत विविधता में एकता का प्रतीक है वही भौगोलिक दृष्टि से देखे तो जलवायु के लिहाज से भी भारत अन्य देशों की तुलना में अच्छी स्थिति में है। यही कारण है कि भारत में विभिन्न प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त पेड़-पौधे एवं जड़ी बूटियां पाई जाती है। भारत का कई हज़ार वर्ष पुराना आयुर्वेदिक इतिहास रहा है इसीलिए आज हम अपने रीडर्स को ऐसे ही एक औषधीय गुणों से भरपूर वृक्ष के बारे में बता रहे है जो न केवल शीतल छाया प्रदान करता है बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर है।  आप भी इस पेड़ के औषधीय गुणों से लाभ उठा सकते है।

इस वृक्ष को आप मे से बहुत लोगो ने देखा जरूर हो मगर इसके औषधीय गुणों के बारे में अभी तक अनजान हो, तो चलिए विस्तार से जानते है इस चमत्कारी वृक्ष के बारे में जिससे हमारे रीडर्स अधिक से अधिक लाभ ले सके। यह पत्ते झाड़नेवाल एक बहुत बड़ा विशालकाय पेड़ है गर्मियों में इसकी छाया बहुत ही शीतलता प्रदान करती है।

सेमल के फायदे
सेमल के फायदे

उत्तर भारत में इसे सेम्बल,सेमल नाम से जाना जाने वाला यह वृक्ष अत्यंत गुणकारी है संस्कृत में शिम्बल और शाल्मली ,इंग्लिश में कॉटन ट्री के नाम से भी जाना जाता है  फाल्गुन माह (मुख्यतः फरवरी और मार्च ) में जब इस वृक्ष की पत्तियाँ बिल्कुल झड़ जाती हैं और इस पेड़ का सिर्फ ठूँठा ही रह जाता है भरे हुए लाल फूल दिखाई पड़ते है। तब यह इन्हीं लाल फूलों से गुछा लदा हुआ दिखाई पड़ता है।

अक्सर आप लोगो ने इस वृक्ष को सरकारी भवन,इमारतों और सड़कों के किनारे इन्हें लगा देखा होगा, पेड़ के दलों के झड़ जाने पर डोडा या फल रह जाता है इसी फल को उत्तर भारत में विशेषतः उत्तर प्रदेश,उत्तराखण्ड के लोग इसके फल की सब्जी,व लडडू बनाकर इस्तेमाल में लाते है। अन्य रोगों में भी इसका उपयोग अलग अलग तरह से किया जाता है।

आयुर्वेद में सेमल, शिम्बल ( Bombax ceiba )के गुण :-

  • आयुर्वेद में सेमल का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर है तथा इसके फूल,छाल,फल व पत्तियों का विभिन्न रोगों में अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया जाता है। इस औषधि युक्त वृक्ष का उपयोग :- प्रदर रोग ,नपुंसकता ,अतिसार, जख्म,पेचिस, गिल्टी या ट्यूमर,कब्ज ,कमर दर्द,पित्त, रक्तविकार ,फोड़े फुंसी,स्तन में शिथिलता ,दूध बढ़ाने में सहायक, खांसी व अन्य विभिन्न रोग निवारक क्षमता में उपयोग किया जाता है। आगे हम बता रहे है सेमल वृक्ष के 10 चमत्कारी औषधीय गुण विस्तार से जानते है।

1. प्रदर रोग (Leucorrhoea)-

प्रदर रोग या ल्यूकोरिया स्त्रियों में होने वाली आम समस्या है। सेमल के ताजे फल (यानी फूलों का डोडा) को देसी घी और सेंधा नमक के साथ सब्ज़ी की तरह बनाकर खाने से लाभ होता है।

2. नपुंसकता (Agnesia)-

10 ग्राम सेमल के फल को सुखाकर चूर्ण ,10 ग्राम चीनी ,100 मिलीलीटर पानी मिलाकर सुबह शाम पी ले लाभ होगा।

3. अतिसार (Diarrhea)-

सेमल के पत्तियों के डंठल (stipe) का काढ़ा बना कर ठंडा कर 50 से 100 मिलीलीटर मात्रा पी ले अतिसार ,दस्त बन्द हो जाएंगे।

4. जख्म या चोट

वृक्ष की छाल की पीस कर या घिस कर लेप करने से जख्म जलती भर जाते है।

5. पेचिश (Dysentery)

पेचिश की शिकायत में सेमल के फूल का ऊपरी छिलको को रात को पानी मे भिगो कर सुबह इसी पानी मे मिश्री मिलाकर पी ले आराम होगा।

6. गिल्टी,गांठ (Tumor)

शरीर मे बाहरी भाग में कही भी सूजन या गांठ पर इस वृक्ष के पत्तो को पीस कर मरहम लगाने या बांधने से गांठो की कम किया जा सकता है।

7. कील ,मुँहासे (acne pimple)

सेमल की छाल या पत्तियों को घिसकर स्थान पर लगाने से यह निशान सहित गायब हो जाते है।

सेमल के फायदे (video Source: https://www.youtube.com/)

8. कमरदर्द ,रक्तशुद्धि व कब्ज (constipation)

सेमल के फूलों का बाहरी हरा पत्ती नुमा मजबूत भाग की सब्जी बनाकर या इसको सुखाकर चूर्ण, मीठी खण्ड या गुड़, गोंद (खाने वाला) और देसी घी के साथ बराबर मात्रा कूट-पीस कर लडडू बनाकर सुबह शाम खाने से कमरदर्द में आराम मिलता है,कब्ज दूर करता है व रक्तशुद्धि करता है तथा किसी भी प्रकार की कमजोरी दूर होती ताकत बढ़ती है।

9. स्तन शिथिलता एवं ढीलापन (Breast Laxity)

महिलाओं में स्तन शिथिलता के उपचार के लिए सेमल के पेड़ पर आने वाले कांटो पर जो गांठें आती है उसको घिस कर लगाने के 10-15 दिन में यह समस्या दूर हो जाती है।

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10. पुरानी खांसी

यदि किसी भी प्रकार की खांसी हो तो सेमल की जड़ का सूखा चूर्ण, सोंठ व काली मिर्च  तीनो को बराबर मात्रा में पीस कर सुबह शाम आधा चमच गुनगुने पानी के साथ ले।

आयुर्वेद में सेमल या शिम्बल एक उपयोगी वृक्ष है जिसका प्रतेयक हिस्सा(जड़,तना,पत्तियां,छाल,फल,और टहनियां) गुणकारी है। इससे अधिक से अधिक लाभ लिया जा सकता है। ऊपर बताये गए उपयोग अलावा भी इस चमत्कारी वृक्ष अन्य विभिन गुण भी है जिसके बारे में हम आपको आगे बताते रहेंगे जुड़े रहिए हमारे साथ।

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1 Response

  1. Manisa says:

    Bahut acchi jankari h.. Thank u

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